कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा पर शिकंजा कसने की तैयारी, इंदरपाल हिरासत में, पीड़ितों का धरना जारी

Madhya Bharat Desk
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रायपुर में जमीन घोटाले से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां मशहूर कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा पर कानूनी शिकंजा कसता हुआ दिखाई दे रहा है। देर रात पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल इंदरपाल को अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी, हालांकि उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी बीच होरा के भूमिगत होने की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

पीड़ितों की ओर से की गई शिकायतों के बाद पुलिस ने इस जमीन विवाद के सभी संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसी दौरान इंदरपाल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों पर भी कठोर कार्रवाई की संभावना है। इस बीच, होरा पीड़ित संघ ने रायपुर में आजाद चौक और गांधी प्रतिमा के पास शांतिपूर्ण धरना आयोजित कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पीड़ितों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और पुलिस पर प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाया।

पीड़ितों का दावा है कि उन्होंने चंगोरा भाठा क्षेत्र में छोटे प्लॉट खरीदकर अपना घर बनाने की तैयारी की थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने पर उन्हें धमकाया गया और पत्थरबाजी की गई। मामला तब और संदिग्ध हो गया जब यह बात सामने आई कि लगभग 19 साल पहले मर चुकी महिला चमारीन बाई सोनकर को सरकारी दस्तावेजों में जीवित दिखाया गया और उसके नाम पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। पीड़ितों ने कहा कि होरा के चार भांजे और कुछ प्रभावशाली लोग इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।

इंदरपाल के पकड़े जाने के बाद से होरा का मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताया जा रहा है। हालांकि पकड़े जाने से पहले होरा ने अपनी सफाई में कहा था कि राजनीतिक मंशा से उन्हें फंसाया जा रहा है और उनके पास जमीन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

मामले की जड़ 1999 की उस फर्जी रजिस्ट्री से जुड़ी है जिसमें 1980 में मृत घोषित महिला को कागजों में जिंदा दिखाकर 1.627 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री की गई थी। पुलिस ने इस मामले में धारा 420, 467, 471, 506 तथा 34 के तहत अपराध दर्ज किया है और 12 पीड़ित अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि गुरुचरण सिंह होरा का संबंध एबीवीपी के कार्यक्रमों और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से बताया जाता रहा है। फिलहाल, पुलिस की जांच तेज है और शहर में होरा की गिरफ्तारी को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।

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