धमदाहा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जंग अब आरोप-प्रत्यारोप की आग में झुलसने लगी है। कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कुशवाहा और जेडीयू की मंत्री लेशी सिंह एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मामला अब पुलिस जांच के दायरे में पहुंच चुका है।
पूर्णिया के धमदाहा विधानसभा में प्रचार के आखिरी चरण में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा टकराव देखने को मिला। राजद समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने मंत्री लेशी सिंह पर चुनाव प्रभावित करने, अपहरण की कोशिश और माहौल में डर फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं लेशी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि कुशवाहा और सांसद पप्पू यादव जनता को गुमराह कर राजनीति चमकाने में लगे हैं।
संतोष कुशवाहा के गंभीर आरोप
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने दावा किया कि शुक्रवार रात प्रचार के दौरान लेशी सिंह के समर्थकों ने राजद कार्यकर्ताओं को गाड़ी से उतारकर अगवा करने की कोशिश की। एक समर्थक के घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने की भी बात सामने आई।
राजद कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एनडीए समर्थक शराब के नशे में थे। जांच में भी इसकी पुष्टि हुई है। मौके से नकदी और हथियार बरामद किए गए, हालांकि कुछ लोग फरार होने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने पांच लोगों को कार सहित पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। जब्त वाहन से प्रचार सामग्री और आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं, साथ ही गाड़ी बिना अनुमति के प्रचार कर रही थी।
कुशवाहा ने कहा कि धमदाहा में पिछले 15 सालों से डर और दबाव की राजनीति चल रही है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा विधायक की लोकप्रियता घटने के कारण उन्होंने बाहरी अपराधियों को बुलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। 2020 के चुनाव की एक हत्या का जिक्र करते हुए कुशवाहा ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
लेशी सिंह का जवाब
मंत्री लेशी सिंह ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सांसद पप्पू यादव संतोष कुशवाहा के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहे हैं।
लेशी सिंह ने कहा कि विपक्ष उनके परिवार और बेटे का नाम हर बार बेवजह खींचता है, जो घटिया राजनीति की मिसाल है। उन्होंने बताया कि कुशवाहा ने उनके समर्थक की प्रचार गाड़ी को रोककर फेसबुक लाइव में झूठे आरोप लगाए कि गाड़ी में पैसे हैं, लेकिन जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
मंत्री ने कहा कि अगर कोई उन्हें धमकाने की कोशिश करेगा, तो वे चुप बैठने वाली नहीं हैं।
पुलिस जांच जारी
स्थानीय पुलिस ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर माहौल को शांत रखने का निर्देश दिया है।


