बलौदाबाजार जिले के अर्जुनी परिक्षेत्र में गौर (बायसन) के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। अवैध शिकार की इस गंभीर घटना के बाद छत्तीसगढ़ वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक वनरक्षक को निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार अर्जुनी परिक्षेत्र के बिलाडी जंगल कक्ष क्रमांक 324 में शिकारीयों ने गौर को करंट लगाकर मार डाला। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
वनमंडलाधिकारी गणेश्वर धमशाल ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि अगर जंगल में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत विभाग को सूचना दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
इस घटना के बाद विभाग के अंदर भी जिम्मेदारी तय की गई है। सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले वनरक्षक को निलंबित कर उदाहरण पेश किया गया है। विभाग अब वन्यजीव संरक्षण को और सख्ती से लागू करने के लिए रणनीति तैयार कर रहा है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।







