कांग्रेस पार्टी के संगठन में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी ने 50 में से 48 जिलों में जिला अध्यक्षों के पैनल तैयार कर लिए हैं। फिलहाल इन पैनलों की गहन समीक्षा की जा रही है। यह पूरा काम Rahul Gandhi के नए फॉर्मूले के अनुसार किया जा रहा है, जिसमें संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
पार्टी के पर्यवेक्षकों द्वारा तैयार किए गए इन पैनलों को राहुल गांधी की मंजूरी के बाद फाइनल नाम घोषित किए जाएंगे। पैनल में वर्तमान जिला अध्यक्षों के साथ-साथ कई विधायक और पूर्व में चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हैं। दो जिलों — बारां और झालावाड़ — में उपचुनाव के कारण अभी पैनल तैयार नहीं किए गए हैं। वहाँ उपचुनाव के बाद निर्णय लिया जाएगा।
प्रदेश के पर्यवेक्षकों ने ज़िलों में जाकर बैठकें कर जिला अध्यक्ष पद के लिए नाम तय किए हैं। अधिकांश जिलों में छह-छह नेताओं का पैनल तैयार किया गया है, जिनमें से अंतिम चयन होगा। इस पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ साझा की जा रही है। इसमें Sukhjinder Singh Randhawa, Govind Singh Dotasra, Tika Ram Jully और K. C. Venugopal जैसे नेता शामिल हैं।
राहुल गांधी के स्तर पर समीक्षा बैठक के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में अंतिम नामों की घोषणा होने की संभावना है। इस बार गहलोत, डोटासरा और पायलट खेमे के समर्थकों के बीच जिला अध्यक्ष पद की ज़ोरदार दावेदारी देखी जा रही है।
इस प्रक्रिया के ज़रिए कांग्रेस संगठन में नई ऊर्जा लाने और आगामी चुनावों के लिए मज़बूत जमीनी नेटवर्क तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।







