छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बन गया है, जो 27 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से पूरे प्रदेश में 27 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बस्तर संभाग के जिलों में बादल गरजने के साथ लगातार चार दिनों तक वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। वहीं, अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की भी संभावना व्यक्त की गई है।
इस बारिश का सबसे बड़ा असर धान की फसल पर पड़ सकता है। इस समय धान की कटाई का सीजन चल रहा है, ऐसे में लगातार बारिश होने से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित रखें और मौसम के अनुसार अपने कृषि कार्यों में बदलाव करें।
यह बारिश भले ही तापमान में गिरावट और ठंडक लेकर आएगी, लेकिन कृषि क्षेत्र में इसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। इसलिए किसानों को सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है।






