उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम के कपाट आज 22 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले पूरे धाम को फूलों, झालरों और दीपों से भव्य रूप से सजाया गया है। यह दृश्य एक दिव्य और अद्भुत आध्यात्मिक माहौल का प्रतीक बन गया है।
इस वर्ष अब तक लगभग 7 लाख 57 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए हैं। कपाटबंदी से पहले विशेष पूजा-अर्चना और दीपोत्सव का आयोजन बड़े उत्साह और परंपरा के साथ किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां गंगा की उत्सव मूर्ति को अनन्तकूट पर्व के अवसर पर डोली में बैठाकर मुखवा गांव ले जाया जाएगा।
धाम के कपाट पूर्वाह्न 11:36 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसके बाद मां गंगा की पूजा मुखवा में ही संपन्न की जाएगी। श्रद्धालु सर्दियों के दौरान मुखवा स्थित गंगा मंदिर में मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे। यह पारंपरिक आयोजन न केवल श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।







