रायपुर। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बिगड़ा हुआ है। रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश जारी है, नदी-नाले उफान पर हैं और बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर SDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं, जबकि कई जिलों में आज स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
प्रदेशभर में बारिश और बाढ़ जैसे हालात
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, कोंडागांव और बस्तर संभाग समेत कई जिलों में लगातार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई जगहों पर संपर्क टूट गया है। कई बांध लबालब होने के बाद नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर SDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी हैं। कई जिलों में आज स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
बस्तर में इंद्रावती नदी उफान पर
बस्तर संभाग में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। जगदलपुर में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के कालाहांडी जिले में स्थित खाटीगुड़ा (इंद्रावती) बांध के गेट खोले जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। बांध के कई गेट खोल दिए गए हैं; इससे अगले कुछ घंटों में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है और दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है; पुराने पुल के पास जोखिम बढ़ गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जनसुरक्षा
निचले इलाकों, नदी किनारे बस्तियों और बाढ़-प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। राहत शिविर लगाए गए हैं और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।
यातायात विभाग ने जलमग्न सड़कों और पुलियों पर यात्रा से बचने की सलाह दी है; कुछ हाईवे खंड बंद भी बताए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना जताई है; लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
खाटीगुड़ा डैम से छोड़े गए पानी के प्रभाव से इंद्रावती नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है; बस्तर के कई गांवों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश जारी रहने से नदियों का जलस्तर बढ़ता रह सकता है; प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।






