बिहार के बेतिया जिले के नरकटियागंज विधानसभा क्षेत्र से राजनीति में एक नया और प्रेरणादायक अध्याय जुड़ गया है। समाज के तीसरे लिंग समुदाय की प्रतिनिधि माया रानी किन्नर ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी विधानसभा चुनाव 2025 में नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति या दल से नहीं, बल्कि गरीबी, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था के खिलाफ है।
नामांकन के दौरान माया रानी अपने समर्थकों और समुदाय के सदस्यों के साथ जोशपूर्ण जुलूस के रूप में नरकटियागंज एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। इस मौके पर “परिवर्तन की नई पहचान, माया रानी जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और माया रानी का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।
माया रानी का संदेश – जनता ही असली ताकत:
मीडिया से बात करते हुए माया रानी ने कहा, “हमारी लड़ाई सत्ता की नहीं, व्यवस्था में बदलाव की है। नरकटियागंज की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अस्पतालों की हालत बदतर है, शिक्षा प्रणाली कमजोर है और सड़क-जल की समस्या अब भी जस की तस है। मैं जनता से अपील करती हूं कि मुझे मौका दें ताकि मैं समान अधिकारों, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन के लिए काम कर सकूं।”
उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। “तीसरे लिंग के लोगों को केवल मनोरंजन का प्रतीक समझना गलत है। हमें भी जनसेवा और नेतृत्व का मौका मिलना चाहिए। जनता का समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है,” माया रानी ने कहा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:
नामांकन के समय प्रशासन ने सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की थी। पुलिस बल की तैनाती पूरे परिसर में की गई ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमा के साथ संपन्न हो सके।
सामाजिक दृष्टि से अहम चुनाव:
माया रानी किन्नर के मैदान में उतरने से नरकटियागंज की राजनीतिक तस्वीर में नया मोड़ आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम समानता, प्रतिनिधित्व और सामाजिक समरसता की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देता है।







