पूरे छत्तीसगढ़ को बर्बादी की ओर ले जा रही है एक पूंजीपति की खनन लूट! रायगढ़ में हजारों लोगों का प्रदर्शन

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जिंदल कंपनी की गारे पेलमा-1 कोल ब्लॉक की प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को लेकर विरोध तेज हो गया है। हजारों ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में एकजुट होकर विशाल प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह परियोजना न केवल पर्यावरण को तबाह करेगी, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को एक पूंजीपति की खनन लूट का शिकार बना देगी।

प्रदर्शन में गूंजा नारा – “खनन नहीं, जीवन चाहिए”
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लिए हुए नारे लगाए — “पूरे छत्तीसगढ़ को बर्बाद करवा रही है एक पूँजीपति की लूट के लिए!” लोगों का आरोप है कि सरकार खनन कंपनियों के हित में फैसले ले रही है, जबकि आम जनता की आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है।

जनसुनवाई निरस्त करने की माँग
प्रदर्शनकारी संगठनों ने कहा कि गारे पेलमा कोल ब्लॉक परियोजना से प्रभावित गांवों में प्रदूषण, विस्थापन और जल संकट जैसी समस्याएँ और बढ़ेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को तुरंत निरस्त किया जाए और प्रभावित गांवों के लोगों की राय को प्राथमिकता दी जाए।

पूरे छत्तीसगढ़ में खनन के खिलाफ रोष

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खनन के नाम पर छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदाओं को निजी कंपनियों को सौंपा जा रहा है। इससे आदिवासी इलाकों की जमीनें उजड़ रही हैं, जंगल नष्ट हो रहे हैं और नदियाँ प्रदूषित हो रही हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यह आंदोलन केवल रायगढ़ का नहीं, बल्कि पूरे राज्य की अस्मिता की लड़ाई है।

आवाज बुलंद — “छत्तीसगढ़ बिकने नहीं देंगे”
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि वे पूंजीपतियों की लूट के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनसुनवाई रद्द नहीं की गई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment