रायपुर:छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़ी सौगात आई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत अब राज्य के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिलों को शामिल किया गया है। इस फैसले से प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश में खेती की दिशा और दशा दोनों बदलेंगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली भाग लिया और किसानों को ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अनुदान राशि के चेक वितरित किए।
दंतेवाड़ा: जैविक खेती से और महकेगा ‘सुगंधा धान’
दंतेवाड़ा अब केवल जैविक जिला नहीं, बल्कि ‘सुगंधा धान’ का केंद्र बनता जा रहा है। किसान जैविक पद्धति, श्री विधि और कतार रोपा तकनीक का उपयोग कर उत्पादन में 30-40% तक वृद्धि कर रहे हैं। केंद्र सरकार की इस नई योजना से अब ‘सुगंधा धान’ की खुशबू देशभर में फैलने को तैयार है, जिससे दंतेवाड़ा के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
जशपुर: कैश क्रॉप उत्पादन में नई क्रांति की शुरुआत
जशपुर जिला पहले से ही टमाटर, मिर्च और आलू के उत्पादन में आगे रहा है। लेकिन प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब पत्थलगांव और लोरो ब्लॉक में स्थापित टमाटर व मिर्च प्रोसेसिंग यूनिट्स को नई तकनीक और सरकारी सहयोग से मजबूत किया जाएगा। इस कदम से किसानों की आय स्थिर होगी और जशपुर ‘कैश क्रॉप कैपिटल’ बनने की ओर बढ़ेगा।
कोरबा: सिंचाई परियोजनाओं से हर मौसम में लहलहाएंगे खेत
कोरबा के किसान अब मानसून पर निर्भर नहीं रहेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं और जलाशयों के निर्माण से गर्मी में भी खेतों में हरियाली दिखेगी। साथ ही, मछली पालन, पशुपालन और डेयरी उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। मक्का की खेती और कुक्कुट पालन के विस्तार से यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।







