रायपुर — कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), रायपुर द्वारा ‘प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना’ पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य लेखा नियंत्रक (CCA), श्री बिनोद कुमार अग्रवाल ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की और अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान योजना के उद्देश्यों, उपलब्धियों तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में बताया कि यह योजना युवाओं को नए रोजगार अवसर प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही उन्होंने कौशल विकास योजनाओं और रोजगार सृजन के बीच बेहतर तालमेल पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में सहायक भविष्य निधि आयुक्त, श्री सुधांशु निकेतन मिश्रा ने एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के प्रमुख लाभों और प्रक्रिया को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 99,946 करोड़ रुपये का कुल बजट निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत 3.5 करोड़ युवाओं को प्रथम रोजगार पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि डीबीटी (DBT) तकनीक के माध्यम से सीधे नियोक्ताओं के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में ईपीएफओ रायपुर के प्रभारी अधिकारी, श्री जयवदन इंगले (क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I) ने प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन किया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों के सभी प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उपसचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, श्री राजीव अहीर तथा आईआईटी, आईआईएम, आईएसबीएम और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की प्रमुख रोजगार योजनाओं के प्रति सार्वजनिक एवं संस्थागत जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।



