आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राजधानी अमरावती को भारत का नया टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। गुरुवार को उन्होंने ‘क्वांटम वैली प्रोजेक्ट’ की घोषणा की, जिसका लक्ष्य अमरावती को देश का पहला क्वांटम कंप्यूटिंग और हाई-टेक्नोलॉजी केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि आने वाले दो वर्षों में भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटर अमरावती में तैयार किया जाएगा और 2027 से इसका उत्पादन और निर्यात भी शुरू होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विकास आईबीएम, टीसीएस और एलएंडटी जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ साझेदारी में किया जा रहा है। इसका औपचारिक उद्घाटन जनवरी 2026 में प्रस्तावित है।
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक इस प्रोजेक्ट के जरिए 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) का निवेश आकर्षित किया जाए। साथ ही हर साल 5,000 करोड़ रुपये मूल्य का क्वांटम हार्डवेयर निर्यात करने की योजना है।
क्वांटम वैली प्रोजेक्ट के अंतर्गत 50 एकड़ क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा क्वांटम टेक पार्क स्थापित किया जाएगा, जो 90,000 प्रोफेशनल्स को रोजगार देगा। यहाँ अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा, जिनमें IBM Quantum System-2 और 156-क्यूबिट हेरॉन प्रोसेसर शामिल हैं। 2029 तक इस केंद्र का लक्ष्य 1,000 प्रभावी क्यूबिट क्षमता हासिल करना है।
इसके अलावा, अमरावती को एक स्किल डेवलपमेंट हब के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहाँ हर साल 5,000 युवाओं को क्वांटम, एआई और मशीन लर्निंग जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि अमरावती की यह क्वांटम वैली अमेरिका के बोस्टन और जर्मनी के म्यूनिख जैसे वैश्विक हब्स की तर्ज पर विकसित की जाएगी। उन्होंने इसे भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।






