गांधी जयंती के मौके पर दुर्ग जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश पांडे द्वारा महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर “मोहनदास करमचंद गांधी का दोगलापन” जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी साझा की, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। लोगों का कहना है कि यह टिप्पणी न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा और संविधानिक मूल्यों के भी खिलाफ है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी इस पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सत्य और अहिंसा के प्रतीक हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके प्रति अपमानजनक शब्द कहना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह की गलती न करे।
इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने भी सीईओ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने एसपी से मुलाकात कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की और कलेक्टर को भी लिखित शिकायत सौंपी है।
यह मामला गांधी जयंती जैसे पवित्र अवसर पर उठे विवाद के चलते और अधिक संवेदनशील बन गया है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियाँ समाज में नफरत फैलाती हैं और राष्ट्रपिता की विचारधारा के विपरीत हैं।
अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार पर हैं कि वे इस प्रकरण पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है या नहीं।







