छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों एक बड़े विवाद में उलझी हुई है। जगदलपुर (बस्तर) में राज्य के वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। बताया जा रहा है कि मंत्री ने न केवल कर्मचारी का कॉलर पकड़ लिया, बल्कि उसे माँ-बहन की गालियाँ भी दीं। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि यह घटना बेहद शर्मनाक है और एक मंत्री से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती। जनता और विपक्ष की ओर से तुरंत इस्तीफ़े और सार्वजनिक माफ़ी की मांग उठ रही है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि “क्या सिर्फ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ ही माँ हैं या हर नागरिक की माँ भी उतनी ही सम्माननीय है?” इस सवाल ने भाजपा के लिए स्थिति और भी असहज बना दी है।
जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि मंत्री को अपनी इस हरकत पर रो-रोकर माफ़ी मांगनी चाहिए, वहीं कुछ लोग तंज कसते हुए कहते हैं कि “अगर आँसू सूख गए हों तो बिना रोए भी माफ़ी मांगी जा सकती है।”
यह पूरा विवाद भाजपा के लिए छवि प्रबंधन की एक बड़ी चुनौती बन गया है। पार्टी पर दबाव है कि वह तुरंत कोई कदम उठाए, ताकि जनता का भरोसा वापस जीता जा सके। यदि इस मामले को जल्द सुलझाया नहीं गया, तो छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह विवाद भाजपा के लिए लंबे समय तक सिरदर्द बना रह सकता है।



