राज्यसभा चुनाव 2026: शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी समेत 26 नेता निर्विरोध चुने गए

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

देश में चल रहे राज्यसभा चुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। दस राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में सात राज्यों के 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले के ही निर्वाचित हो गए हैं। इन नेताओं में एनसीपी (शरद) के प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

हालांकि सभी सीटों पर चुनाव निर्विरोध नहीं हुआ है। बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मतदान होना तय है, क्योंकि इन राज्यों में सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए राजनीतिक दल विशेष रूप से सतर्क हो गए हैं।

किन राज्यों में निर्विरोध चुनाव हुआ

इस बार महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में कई उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के राज्यसभा पहुंच गए।

महाराष्ट्र से शरद पवार और रामदास अठावले के अलावा भाजपा नेता विनोद तावड़े को भी निर्विरोध जीत मिली है। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कुछ उम्मीदवार भी बिना मतदान के ही संसद के उच्च सदन में पहुंच गए।

असम से तीन नेताओं को मिला मौका

असम से भाजपा के जोगेन मोहन और तेरोस गोवाला के साथ भाजपा समर्थित यूपीपीएल के नेता प्रमोद बोरो निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने तीनों नेताओं को बधाई देते हुए कहा कि वे संसद में राज्य के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।

इन राज्यों में क्यों होगा मतदान

बिहार, ओडिशा और हरियाणा में स्थिति अलग है। यहां सीटों की तुलना में ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, इसलिए मतदान कराया जाएगा। इन राज्यों में संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक दलों की चिंता भी बढ़ गई है।

भाजपा ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक

  • क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए भाजपा ने तीनों राज्यों में वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है।
  • बिहार में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को जिम्मेदारी दी गई है।
  • हरियाणा में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को तैनात किया गया है।
  • ओडिशा में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर भावनकुले को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक समीकरण चुनाव के नतीजों को दिलचस्प बना सकते हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment