नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल आरोपपत्र (चार्जशीट) पर कोर्ट मंगलवार को संज्ञान लेने का फैसला सुना सकती है।
यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट इस बहुचर्चित मामले में अगली सुनवाई के दौरान निर्णय दे सकती है कि आरोपियों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलाई जाए या नहीं।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने 15 जुलाई को ईडी और आरोपियों की तरफ से पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह सुनवाई 2 जुलाई से रोजाना चल रही थी।
किन-किन पर लगे हैं आरोप?
ईडी ने इस मामले में सिर्फ सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, और वरिष्ठ कांग्रेस सहयोगी सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को भी आरोपी बनाया है।
इसके अलावा, एक निजी कंपनी यंग इंडियन लिमिटेड पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को धोखाधड़ी से हासिल करने और धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।







