सामाजिक कार्यकर्ता ने भ्रष्टाचार पर खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री से लेकर संघ प्रमुख तक सभी बड़े नेताओं को लिखा पत्र

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। रायपुर निवासी एक सामाजिक कार्यकर्ता ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता विजय कुमार भतपहरी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित कई बड़े नेताओं और अधिकारियों को पत्र भेजा है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि विजय कुमार भतपहरी ने छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। बिना पैसों के कोई भी काम विभाग में नहीं होता। उनके खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी/ईओडब्ल्यू) द्वारा वर्ष 2011 में अपराध क्रमांक 56/2011 दर्ज किया गया था। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई), 13(2) के तहत छापामार कार्रवाई की गई थी।

इसके अलावा, उनके खिलाफ 2015 में अपराध क्रमांक 45/2015 दर्ज किया गया। इसमें धारा 420, 120B भारतीय दंड संहिता एवं धारा 13(1)(D), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ।

पत्र में यह भी बताया गया है कि रायपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत कर्वघा–भोरमदेव मार्ग निर्माण में शासन को 37 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ धारा 27/2011 में मामला दर्ज किया गया था। वहीं, मानपुर–संबलपुर मार्ग निर्माण में 5 करोड़ रुपये की अनियमित भुगतान के मामले में अपराध क्रमांक 28/2011 पंजीबद्ध किया गया। इन मामलों में भी अधिकारियों से संपर्क और पैसे का लेन-देन कर केस का निपटारा करा दिया गया।

सामाजिक कार्यकर्ता ने पत्र में आरोप लगाया कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी पैसे और सत्ता के दम पर ऊंचे पदों पर बने रहते हैं। इससे न केवल शासन की छवि धूमिल हो रही है बल्कि जनता के बीच गलत संदेश भी जा रहा है।

किन-किन को लिखा पत्र

सामाजिक कार्यकर्ता ने यह पत्र संघ प्रमुख मोहन भागवत, सुरेश सोनी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, प्रवर्तन निदेशालय, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ समेत भाजपा और कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं को लिखा है।

कार्रवाई की मांग

पत्र के अंत में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि भ्रष्ट अभियंता विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उन्हें विभाग से बर्खास्त किया जाए, ताकि शासन की साख बची रहे और जनता का भरोसा कायम हो।

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