उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक विवादित घटना सामने आई है, जिसमें “I Love Muhammad” का जुलूस बिना अनुमति निकलने और भड़काऊ नारेबाजी करने के आरोप में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटनाक्रम
दालमंडी (चौक थाना क्षेत्र) में एक जुलूस निकाला गया, जिसमें आरोप है कि वह अनुमति के बिना हुआ था। इस दौरान “I Love Muhammad” लिखे बैनर और पोस्टर ले जाया गया।
पुलिस ने मामले की तहरीर चौक थानाध्यक्ष के समक्ष दी, और सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय स्रोतों के आधार पर चार नामजद आरोपियों – अजहर मलिक (हड़हा सराय), नफीस अहमद (लल्लापुरा), आदिल (दालमंडी), और इरफान (बांदी टोला) – को गिरफ्तार किया।
इस बीच लोहता थानाक्षेत्र में उसी प्रकार “I Love Muhammad” पोस्टर सहित जुलूस निकाले जाने की घटना सामने आई, जहाँ “सर तन से जुदा” जैसे नारे लगे। इस पर 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इसके अतिरिक्त, मदनपुरा क्षेत्र में एक अन्य जुलूस के मामले में चार नामजद और लगभग 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
वाराणसी के डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी तरह का सार्वजनिक जुलूस निकालना कानून के अंतर्गत प्रतिबंधित है, और ऐसी घटनाओं को अक्सर माहौल बिगाड़ने का प्रयास माना जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अन्य थानों (जैसे सिगरा, दशाश्वमेध, लल्लापुरा) में भी ऐसे कई मामले दर्ज कर रही है, और आरोपितों की पहचान के लिए फुटेज, वीडियो एवं स्थानीय गवाहों की मदद ली जा रही है।
पृष्ठभूमि और साम्प्रदायिक संवेदनाएँ
इस मामले का ताना-बाना उस बड़े विवाद से जुड़ा है, जिसमें “I Love Muhammad” जैसे नारे व पोस्टर अन्य जिलों में भी विवाद का विषय बने हैं।
वाराणसी में ‘I Love Muhammad’ के विरोध स्वरूप “I Love Mahadev” जैसे प्रतिक्रियात्मक नारे भी सामने आए हैं।
स्थानीय हिंदू साधु-संतों ने एकजुट होकर यह ऐलान किया कि वे अपने धार्मिक आस्था की रक्षा करेंगे।



