चुनावी साल से पहले बड़ा दांव: योगी सरकार ने खोला विकास का पिटारा

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा तय करने वाला दिन आज ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अपना लगातार दसवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का विशाल बजट रखा — जो प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है।

चुनाव से पहले योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम पूर्ण बजट है, इसलिए इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर खास ध्यान दिया गया है। बजट पेश होने से पहले हुई कैबिनेट बैठक में सभी प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

 स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी मजबूती, 14 नए मेडिकल कॉलेज

सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रावधान किया है।

  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए ₹37,956 करोड़
  • चिकित्सा शिक्षा के लिए ₹14,997 करोड़
  • 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना व संचालन के लिए ₹1,023 करोड़
  • लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए ₹315 करोड़

फिलहाल प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 45 सरकारी और 36 निजी हैं। नए कॉलेजों से ग्रामीण और पिछड़े जिलों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

 छात्राओं को स्कूटी, शिक्षा को रफ्तार

सरकार ने मेधावी छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के तहत ₹400 करोड़ का प्रावधान किया है।

इस योजना का उद्देश्य:

  • उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को प्रोत्साहन
  • कॉलेज आने-जाने की परेशानी कम करना
  • ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना

सरकार का दावा है कि यह योजना छात्राओं के आत्मविश्वास और सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगी।

 ऊर्जा क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश

ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹65,926 करोड़ का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8% अधिक है।

बिजली आपूर्ति की स्थिति

  • ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 19 घंटे
  • तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट
  • जिला मुख्यालय पर 24 घंटे आपूर्ति

अन्य उपलब्धियां

  • अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन
  • 4,048 कृषि फीडर तैयार (लक्ष्य 4,680)
  • 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र स्थापित
  • 20,924 ट्रांसफॉर्मर लगाए गए
  • पारेषण क्षमता 17,890 मेगावॉट से बढ़कर 32,500 मेगावॉट

सरकार का कहना है कि कृषि फीडरों पर 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देश में सबसे अधिक है।

 चुनावी साल से पहले विकास का संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि आगामी चुनावों से पहले विकास और सामाजिक संतुलन का राजनीतिक संदेश भी है। रोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े ऐलान सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का ज़मीनी असर कितना और कब तक दिखाई देता है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment