रायपुर। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित पहली आईएफएमए वर्ल्ड स्कूल मय थाई चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के होनहार खिलाड़ी युवराज सिंह राजपूत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया है। “बस्तर के क्राउन प्रिंस” के नाम से पहचाने जाने वाले युवराज ने अंडर-18 के 86 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया।
सेमीफाइनल मुकाबले में युवराज का सामना रूस के खिलाड़ी आर्टेम ज़ीटुनियन से हुआ। मुकाबले के दौरान युवराज के सिर में चोट लग गई। खिलाड़ी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेफरी ने मुकाबला बीच में ही रोकने का फैसला लिया। इसके साथ ही युवराज का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया।
16 से 21 जून 2026 तक कुआलालंपुर में आयोजित इस वर्ल्ड स्कूल मय थाई चैंपियनशिप में भारतीय टीम अब तक एक रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। इसी दौरान 16 से 26 जून तक इसी वेन्यू पर आईएफएमए वर्ल्ड सीनियर मय थाई चैंपियनशिप भी खेली जा रही है।
समीधा अग्रवाल ने भी दिखाया शानदार खेल
अंडर-18 के 45 किलोग्राम भार वर्ग में रायपुर की समीधा अग्रवाल ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला फिलीपींस की रिशा अल्थिया अमोगुइस से हुआ। तीनों राउंड तक समीधा ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिर में अंकों के आधार पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
सीनियर खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद बरकरार
वहीं सीनियर मय थाई चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। रायपुर की टिकेश्वरी साहू और प्रवीण कृष्ण जायसवाल ने अपने-अपने भार वर्ग में जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। दोनों खिलाड़ियों से राज्य को एक और अंतरराष्ट्रीय पदक मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।







