कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल के नेतृत्व में कांग्रेस के युवा और कार्यकर्ता शुक्रवार को खासे जोश में नजर आए। राजीव भवन के बाहर जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई ऊर्जा और आक्रामक तेवर की चर्चा को हवा दे दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी और हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण भाजयुमो का प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चल सका। अफरा-तफरी के बीच कुछ प्रदर्शनकारी जल्दबाजी में अपना सामान और चप्पलें भी वहीं छोड़ गए, जिसकी चर्चा आसपास के इलाकों में होती रही।
कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि सुबोध हरितवाल ने मौके पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखा और संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटना संकेत देती है कि कांग्रेस का युवा वर्ग अब अधिक सक्रिय भूमिका में नजर आ रहा है।
आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम के राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।






