उकवा में भारतीय जनता पार्टी के नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान के खिलाफ कांग्रेसियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मंत्री के उस बयान में कहा गया था कि “हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं, हम अपनी बहनों के ससुराल में पानी तक नहीं पीते, जबकि प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी सार्वजनिक स्थान पर अपनी बहन प्रियंका गांधी को चुंबन करते हैं। यह विदेशी संस्कृति है, इनमें संस्कार नहीं हैं क्योंकि ये विदेश में पले-बढ़े हैं।”

इस बयान को लेकर कांग्रेस काhर्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। शुक्रवार को उकवा बस स्टैंड पर कांग्रेसियों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद” और “संस्कृति पर अपमान बर्दाश्त नहीं” जैसे नारे लगाते हुए विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस मंडल उकवा के अध्यक्ष अनुज चौकसे, पूर्व मंडल अध्यक्ष छैया पटले, अशोक उईके, आकाश अग्रवाल, लकी चौकसे, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष समाजसेवी अमन गौतम, युवा कांग्रेस अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेसी प्रदीप चौकसे, रहीम खान, सुजीत क्षत्रिय, जमुना बिसेन और तारा कटरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उकवा पुलिस मौके पर पहुंची और पुतले की आग बुझाई। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री अपने बयान पर माफी नहीं मांगते, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह घटना स्थानीय राजनीति में एक नई हलचल लेकर आई है, जहां कांग्रेसियों ने इसे महिलाओं और भारतीय संस्कृति का अपमान बताया है, वहीं भाजपा कार्यकर्ता मंत्री के समर्थन में उतर सकते हैं। फिलहाल इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में गर्माहट पैदा कर दी है।







