मध्य प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सियासत तेज़ हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हालिया पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में सामने आए कथित घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कमलनाथ ने कहा कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में है। उन्होंने पुराने व्यापम घोटाला का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जहां ओएमआर शीट में हेरफेर की बातें सामने आती थीं, वहीं अब तकनीक का इस्तेमाल कर नए तरीके से गड़बड़ियां की जा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों के पेपर बेहद कम समय में हल किए गए, जिससे संदेह गहरा गया है। जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर मिररिंग जैसी हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल कर बाहर बैठे किसी व्यक्ति ने परीक्षा हल की।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक ऐसे कई मामलों की पहचान हो चुकी है, जहां सामान्य रूप से 30-40 सेकंड लेने वाले सवालों को कुछ सेकंड में हल किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ कुछ व्यक्तियों की करतूत है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
कमलनाथ ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में इस स्तर की गड़बड़ी हो रही है, तो यह केवल सिस्टम की नाकामी नहीं बल्कि गंभीर साजिश का संकेत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इस तरह की घटनाएं संभव नहीं हैं।
उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इससे योग्य उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित होगा और व्यवस्था पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा।







