ED की जांच में बड़ा गेमिंग घोटाला: WinZO ऐप पर AI-बॉट्स से खेलवाकर 800 करोड़ की ठगी

Madhya Bharat Desk
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म ‘विनजो (WinZO)’ को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मेसर्स विनजो प्राइवेट लिमिटेड ने सुनियोजित तरीके से ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की और उन्हें बिना जानकारी दिए बॉट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एल्गोरिदम के साथ खेलने पर मजबूर किया। इस कथित घोटाले के जरिए कंपनी ने करीब 800 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की।

ईडी की जांच में सामने आया है कि विनजो ऐप के संचालकों ने गेमिंग सिस्टम पर पूरा नियंत्रण रखते हुए मैचों में बॉट्स/एआई आधारित सॉफ्टवेयर (PPP/EP/Persona) का इस्तेमाल किया। यूज़र्स को यह विश्वास दिलाया गया कि वे असली खिलाड़ियों से मुकाबला कर रहे हैं, जबकि वास्तव में वे मशीन-आधारित खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहे थे।

जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने इन फर्जी मैचों के जरिए ‘रेक कमीशन’ के रूप में भारी रकम कमाई। रिकॉर्ड के अनुसार,

  • अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 के बीच करीब 557 करोड़ रुपये,
  • और मई 2024 से अगस्त 2025 के दौरान लगभग 177 करोड़ रुपये बॉट-आधारित गेम्स से अर्जित किए गए।

इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाए जाने के बाद भी कंपनी के पास उपयोगकर्ताओं के करीब 43 करोड़ रुपये जमा रहे। अब तक की जांच में कुल 802 करोड़ रुपये की अपराध से प्राप्त आय (POC) सामने आई है।

ईडी का आरोप है कि कंपनी ने विदेशी निवेश की आड़ में बड़ी रकम भारत से बाहर भेजी। जांच में पता चला कि ‘WinZO US Inc.’ के नाम से अमेरिका में करीब 54 मिलियन डॉलर जमा हैं। यह कंपनी केवल कागज़ों में मौजूद है, जबकि इसके सभी ऑपरेशंस और बैंकिंग गतिविधियां भारत से ही संचालित की जा रही थीं। कुछ धनराशि सिंगापुर भी भेजे जाने के संकेत मिले हैं।

इससे पहले 18 नवंबर 2025 को ईडी ने विनजो प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय और इसके निदेशकों के आवासों पर छापेमारी की थी। इसी कड़ी में 30 दिसंबर 2025 को ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने कंपनी की लेखा फर्म के परिसर में भी तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान, विनजो की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी मेसर्स जो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद करीब 192 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि को PMLA, 2002 की धारा 17(1A) के तहत बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड के रूप में फ्रीज़ कर दिया गया है।

ईडी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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