भूपेश बघेल ने बालोद दौरे के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए स्पष्ट किया कि वे राज्यसभा की दौड़ में शामिल नहीं हैं। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद एक विधायक हूं और राष्ट्रीय महामंत्री भी हूं, इसलिए मुझे राज्यसभा जाने की जरूरत नहीं है।
” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बघेल का यह बयान कई अटकलों पर विराम लगाने वाला है। पिछले कुछ समय से उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि फिलहाल वे सक्रिय रूप से प्रदेश की राजनीति में ही भूमिका निभाएंगे।

इसी बीच सियासी गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या बघेल अपने बेटे को छत्तीसगढ़ की राजनीति में आगे लाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में उनका परिवार भी सक्रिय राजनीति में नजर आ सकता है।
प्रदेश की राजनीति में बघेल का प्रभाव अभी भी मजबूत माना जाता है। ऐसे में यदि उनके बेटे की एंट्री होती है तो यह छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीतिक दिशा क्या रूप लेती है।







