रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल रमन डेका के अभिभाषण के साथ औपचारिक रूप से शुरू हुआ। खास बात यह रही कि यह सत्र विधानसभा के नए भवन में आयोजित होने वाला पहला सत्र है, जिससे इसे ऐतिहासिक महत्व भी मिल गया है।
करीब 49 मिनट तक चले अपने संबोधन में राज्यपाल डेका ने प्रदेश की साय सरकार के कामकाज के साथ-साथ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में संचालित योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी सदन को दी।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बताया कि सरगुजा जिले में कर्क रेखा से गुजरने वाले स्थल पर एक शोधशाला स्थापित करने की योजना है। साथ ही, Nava Raipur के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
पूरे भाषण के दौरान सदन में शांत वातावरण बना रहा। विपक्ष की ओर से किसी प्रकार की टिप्पणी या व्यवधान देखने को नहीं मिला और राज्यपाल ने बिना किसी रुकावट के अपना अभिभाषण पूरा किया। भाषण के समापन के बाद सदन में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रीय गान का प्रसारण किया गया।
अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।
आर्थिक सर्वेक्षण पेश
सत्र के दौरान कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में प्रस्तावित कार्यसूची को मंजूरी दी गई। इसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन के पटल पर राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया।
आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने के पश्चात आसंदी ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।







