छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित कोयला घोटाले में एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रायपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने पूर्व मुख्यमंत्री की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया के करीबी माने जाने वाले जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जयचंद कोसले ने इस घोटाले में अहम भूमिका निभाई और अवैध रूप से करोड़ों रुपये का प्रबंधन किया।
रविवार को हुई छापेमारी कार्रवाई के बाद कोसले को हिरासत में लिया गया और सोमवार को EOW ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया। अदालत में एजेंसी ने 14 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की है। आरोप है कि कोयला घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का प्रबंधन कोसले ने सौम्या चौरसिया के निर्देश पर किया था। इस दौरान उसने 10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई भी की, जिससे उसने रायपुर और जांजगीर जिले में आलीशान मकान व अन्य संपत्तियाँ खरीदीं।
रविवार को ही ACB और EOW की संयुक्त टीम ने एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में कुल सात ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और नकद रकम जब्त की गई।
गौरतलब है कि इस छापेमारी और गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। शराब घोटाले और अवैध कोल लेवी मामले से जुड़े पहलुओं की भी जांच तेज कर दी गई है। एजेंसियों का मानना है कि जयचंद कोसले की गिरफ्तारी से इस घोटाले के कई अनसुलझे राज़ सामने आ सकते हैं और बड़े नेताओं तक इसकी कड़ी पहुँच सकती है।







