छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा पर लगाया दांव, ‘मातृशक्ति’ को दी प्राथमिकता

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए वरिष्ठ नेत्री लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। 55 वर्षीय लक्ष्मी वर्मा एमए शिक्षित हैं और वर्तमान में भाजपा छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर सक्रिय हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई।

लक्ष्मी वर्मा भाजपा की मीडिया प्रवक्ता रह चुकी हैं। इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में कार्य कर चुकी हैं और रायपुर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष भी रही हैं। प्रशासनिक अनुभव, संगठनात्मक सक्रियता और महिला वर्ग में प्रभावी पकड़ को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है। कुर्मी समाज से आने वाली लक्ष्मी वर्मा का चयन सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था। शुरुआती पैनल में लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल, सरोज पांडेय, भूपेंद्र सवन्नी, किरण बघेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और निर्मल के नाम शामिल थे। विचार-विमर्श के बाद सात नामों में से तीन—लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी—को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंततः महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की रणनीति के तहत लक्ष्मी वर्मा को टिकट दिया गया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी भी मजबूत दावेदार थे और संगठन में उनका अनुभव प्रभावशाली है, लेकिन इस बार पार्टी ‘मातृशक्ति’ को आगे बढ़ाने के मूड में दिखी। ऐसे में संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरण साधते हुए भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा पर भरोसा जताया है।

भाजपा के इस फैसले को छत्तीसगढ़ की राजनीति में महिला नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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