रायपुर: प्रदेश के नए प्रमुख अभियंता (ENC) भतपहरी ने पदभार ग्रहण करते ही कड़ा निर्देश जारी किया है, जिसके चलते सरकारी निर्माण कार्यों का भुगतान ठप हो गया है। आदेश के अनुसार, बीते वर्षों के सभी निर्माण कार्यों के बिल तभी पास होंगे जब उनकी विस्तृत जांच पूरी हो जाएगी। इस निर्णय ने कार्यपालन अभियंताओं को फाइलें आगे बढ़ाने से रोक दिया है, जिससे करोड़ों रुपये के भुगतान अटक गए हैं और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ठेकेदारों का आरोप – राजनीतिक दबाव और भेदभाव
निर्माण कार्य रुकने से ठेकेदारों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि यह जांच महज़ बहाना है और असल में इसका मकसद पिछली कांग्रेस सरकार से जुड़े कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाना है। ठेकेदारों का कहना है कि जिन फाइलों को प्राथमिकता दी जा रही है, वे उन्हीं लोगों की हैं जिन्हें पहले भी फायदा मिलता रहा है।
विकास परियोजनाएं थमीं, मजदूरों पर संकट
भुगतान रुकने से राज्य की सड़क, पुल और भवन निर्माण जैसी परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं। ठेकेदार मजदूरों को वेतन और निर्माण सामग्री की खरीदी नहीं कर पा रहे हैं। इसका सीधा असर प्रदेश के विकास और आम जनता पर पड़ रहा है।
सरकार की चुप्पी से बढ़ा असंतोष
अब तक सरकार की ओर से इस गंभीर मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे असंतोष और गहरा गया है। राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विवाद सत्ताधारी दल के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है।
अब सवाल उठता है कि सरकार ठेकेदारों और विकास कार्यों को राहत देने के लिए कदम उठाएगी या यह विवाद और गहराएगा।







