छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस सूची में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे अधिकारी राजेश कुमार चंदेले को कांकेर का नया मुख्य वन संरक्षक (CCF) नियुक्त किया गया है।
चंदेले पर अपने डीएफओ कार्यकाल के दौरान सुकमा के सरकारी आवास में नियमों के खिलाफ 70 लाख रुपये की लागत से स्विमिंग पूल बनवाने का आरोप था। उस समय कलेक्टर और एसपी की संलिप्तता की भी चर्चा रही थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल हटा दिया गया था।
तबादलों की सूची
- राजेश कुमार चंदेले : मुख्य वन संरक्षक (CCF) कांकेर
- एस वेंकटाचलम : CCF वन्य प्राणी, सरगुजा
- के मैचियो : CCF परियोजना, नया रायपुर
- एम मर्सीबेला : CCF दुर्ग
- मनोज कुमार पांडेय : CCF बिलासपुर
- आलोक कुमार तिवारी : CCF जगदलपुर
- अमिताभ बाजपेयी : CCF समन्वय, नया रायपुर
- रमेश चंद्र दुग्गा : CCF पर्यटन, नया रायपुर
- दिलराज प्रभाकर : CCF सरगुजा
- मणिवासगन एस : प्रभारी CCF, रायपुर
- स्टाइलो मंडावी : प्रभारी CCF, वन्य जीव जगदलपुर
- माथेश्वरण वी : CCF जैव विविधता संरक्षण, नया रायपुर
- अभिषेक कुमार सिंह : प्रभारी CCF, अचानकमार टाइगर रिजर्व
विवाद और चर्चा
राजेश कुमार चंदेले का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। 2014 में मरवाही में पदस्थ रहते हुए एसीबी-ओडब्ल्यू ने उनके ठिकानों पर छापा मारकर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा किया था। वहीं, सरकारी आवास में करोड़ों की लागत से अवैध स्विमिंग पूल बनने के आरोप ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था।
अब उन्हें कांकेर जैसे संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी मिलने पर शासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति और भ्रष्टाचार-विरोधी दावों पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विवादित अधिकारियों की महत्वपूर्ण पोस्टिंग प्रशासनिक व्यवस्था पर नकारात्मक असर डालती है।







