विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, पर इस बार बिलासपुर में यह पावन त्योहार राजनीति के घेरे में आ गया। अरपांचल लोक मंच, जो वर्षों से सरकंडा स्थित साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन समारोह आयोजित करता आया है, इस बार सभा स्थल पर प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने से आहत है। इसने विवाद को जन्म दिया है, जो अब आंदोलन की चेतावनी तक पहुँच चुका है।
विवाद की उत्पत्ति:
अरपांचल लोक मंच ने समय से आयोजन के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रशासन ने इस बार उसी मैदान का आवंटन सिद्धार्थ भारती नामक व्यक्ति को कर दिया। मंच के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने इसे “द्वेषपूर्ण एवं दबाव की राजनीति” करार देते हुए आलोचना की।
मंच का रुख और प्रतिक्रिया:
प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
> “हम वर्षों से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते आए हैं, लेकिन इस बार बिना उचित कारण मैदान किसी और को दे दिया गया। यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।”
उन्होंने यह भी कहा:
“भले ही जेल जाना पड़े, लेकिन रावण दहन वहीं करेंगे… आवश्यकता पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला से भी मुलाकात करेंगे।”
उन्होंने यह भी आगाह किया कि अगर अनुमति नहीं दी गई तो वो “सर्व हिंदू समाज के बैनर तले” एक बड़ा आंदोलन करेंगे, और इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
प्रशासन का मौन:
अब तक प्रशासन या कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, जिससे यह विवाद और भी गहराता जा रहा है।



