रायपुर।छत्तीसगढ़ में नशाबंदी की मांग को लेकर सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज और किसान मोर्चा अब खुलकर मैदान में उतर आए हैं। संगठन के प्रदेश संयोजक अनिल दुबे ने साफ कहा है कि प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या के खिलाफ अब बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा और छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी लागू कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
इसी कड़ी में “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा” प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर रही है। यह यात्रा इन दिनों मुंगेली और पंडरिया क्षेत्र में पहुंची, जहां किसानों, युवाओं और छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में इसमें शामिल होकर समर्थन दिया।
रथ यात्रा के दौरान जिन्दा, पिपरिया, झिरना, चारडोंगरी, जडेवनखुर्द, रवेली, सोडा, सोनपुर, मोहगांव, रेनतापार और डोंगरिया सहित कई गांवों में सभाएं आयोजित की गईं। गांवों में लोगों ने छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ की आरती उतारकर भव्य स्वागत किया और बड़ी संख्या में लोगों ने संगठन की सदस्यता भी ग्रहण की।
रथ यात्रा का नेतृत्व राज्य निर्माण सेनानी लालाराम वर्मा, महेंद्र कौशिक और शिवकुमार साहू कर रहे हैं। सभाओं को संबोधित करते हुए लालाराम वर्मा ने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतों द्वारा छत्तीसगढ़ी अस्मिता को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले के तुमगांव में छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को कथित तौर पर खंडित करने और उसे थाना परिसर में रखने की घटना ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है।
वहीं किसान नेता महेंद्र कौशिक ने कहा कि रथ यात्रा को प्रदेश के अलग-अलग जिलों और ब्लॉकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में किसान, युवा और महिलाएं इस अभियान से जुड़ रहे हैं और छत्तीसगढ़ की अस्मिता और किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं।
रथ यात्रा के दौरान सदस्यता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग संगठन से जुड़ रहे हैं। इस अभियान में रवि चंद्रवंशी, सुंदर कौशिक, भगत वर्मा और राधे चंद्राकर सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज का कहना है कि आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज किया जाएगा और नशाबंदी समेत किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।







