हजरतबल दरगाह शिलालेख से अशोक चिन्ह तोड़फोड़ पर बवाल: हिंदू संघर्ष समिति ने आरोपियों को बताया राष्ट्रद्रोही

Madhya Bharat Desk
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जम्मू (J&K)।हजरतबल दरगाह (Hazratbal Dargah) के उद्घाटन शिलालेख से अशोक चिन्ह की तोड़फोड़ पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हिंदू संघर्ष समिति (Hindu Struggle Committee) के राष्ट्रीय महासचिव अनूप पांडे ने इसे देशद्रोह करार देते हुए कहा कि यह हरकत करने वाले “कट्टरपंथी और राष्ट्रविरोधी तत्व” हैं, जिन्हें भारत के संविधान और कानून का कोई सम्मान नहीं है।

अनूप पांडे ने कहा, “जो लोग भारत में रहते हुए बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए संविधान को नहीं मानते, वे राष्ट्रद्रोही हैं। सरकार उन पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करेगी।”

“नरेंद्र मोदी की सरकार गूंगी-बहरी नहीं”

पांडे ने आगे कहा कि पिछली सरकारें आतंकवादियों के आगे घुटने टेक देती थीं और उन्हें बिरयानी खिलाती थीं। लेकिन मोदी सरकार में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कुछ कट्टरपंथियों को जेल भेजा गया है और जो बचे हैं, उन्हें भी जेल जाना पड़ेगा।

धारा 370 का जिक्र

अनूप पांडे ने याद दिलाया कि जब अनुच्छेद 370 हटाया गया था तब घाटी के अलगाववादी नेता कहते थे कि कोई तिरंगा उठाने वाला नहीं मिलेगा। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार ने साबित कर दिया कि अब ऐसे तत्वों को घाटी छोड़कर भागना होगा या जेल जाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार निश्चित रूप से दोषियों पर सख्त कदम उठाएगी, क्योंकि भारत का संविधान और तिरंगा सर्वोपरि है।

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