नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नेवारो एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि भारत में सस्ते तेल का सबसे बड़ा लाभ ब्राह्मण समुदाय को मिल रहा है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण विरोधी नैरेटिव की बहस को और तेज कर दिया है।

ब्राह्मण विरोधी नैरेटिव पर नई बहस
विश्लेषकों का कहना है कि नेवारो का यह बयान कोई नई कोशिश नहीं है। इससे पहले भी अमेरिकी थिंक टैंक और कथित “डीप स्टेट” भारत में जातीय और धार्मिक विभाजन को हवा देने का प्रयास कर चुके हैं।
याद दिला दें, जब ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी भारत दौरे पर आए थे, तब उनकी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वह एक पोस्टर पकड़े नजर आए थे। पोस्टर पर लिखा था – “Smash Brahminical Patriarchy” (ब्राह्मणवादी पितृसत्ता खत्म करो)। उस समय भी विवाद बढ़ा था और बाद में डोर्सी को माफी मांगनी पड़ी थी।
विपक्षी राजनीति और विदेशी कनेक्शन?
राजनीतिक हलकों में यह आरोप भी लगते रहे हैं कि भारत के कुछ विपक्षी नेता ब्राह्मण विरोधी रुख अपनाते समय विदेशी थिंक टैंकों से प्रभावित रहते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी “लिबरल लॉबी” और थिंक टैंक, भारत की राजनीति पर परोक्ष रूप से असर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका का “डीप स्टेट” और भारत
कई जानकारों का कहना है कि अमेरिका का डीप स्टेट भारत में जातिगत और धार्मिक मुद्दों को भड़काकर आंतरिक अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहा है। पीटर नेवारो का ताजा बयान भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।



