राजधानी रायपुर में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर साइबर अपराधियों ने एक महिला से 11 लाख 18 हजार 800 रुपये ठग लिए। पीड़िता की शिकायत पर खमतराई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे रचा गया ऑनलाइन ठगी का जाल?
बसंत विहार निवासी पीड़िता कनु अवाल ने बताया कि 14 से 17 मई 2025 के बीच उसके मोबाइल पर एक लिंक आया। इसमें मीशो ऑनलाइन के जरिए घर बैठे रोजाना तीन हजार रुपये तक कमाने का दावा किया गया। लिंक पर क्लिक करने पर उसे एक फर्जी NSE ग्रुप में जोड़ लिया गया। वहां उसे होटल्स को रेटिंग देने जैसे छोटे टास्क दिए गए। शुरुआत में 1000 से 3000 रुपये तक उसके खाते में ट्रांसफर भी किए गए, जिससे उसका विश्वास जीत लिया गया।
लालच देकर बढ़ाई रकम
इसके बाद ठगों ने ‘पेड टास्क’ का लालच दिया। 500 से 1000 रुपये निवेश पर 25% मुनाफा दिखाया गया। धीरे-धीरे रकम 75 हजार तक बढ़वा ली गई। फिर 50 हजार रुपये लगाने पर 1.5 लाख मिलने का वादा किया गया, लेकिन एवज में सिर्फ 30 हजार ही भेजे गए।
सिविल स्कोर का बहाना
जब महिला ने बाकी रकम मांगी, तो ठगों ने कहा कि टास्क में गलती और सिविल स्कोर कम होने की वजह से अकाउंट फ्रीज हो गया है। फिर 2 लाख रुपये डालने पर 3.5 लाख का झांसा दिया। महिला ने यह रकम भी डाली। ठगों ने नकली ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट भेजकर दो लाख और लगाने को कहा।
पति के खाते से भी उड़ा दिए लाखों
ऑडियो-वीडियो क्लिप के जरिए महंगे गहने और लग्जरी आइटम दिखाकर ठगों ने भरोसा दिलाया कि अन्य लोग भी करोड़ों कमा चुके हैं। इसी झांसे में महिला ने 4 लाख और ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा पति संतोष तिवारी के बैंक अकाउंट से भी 3 लाख रुपये जमा कराए गए। इस तरह कुल 11.18 लाख की ठगी का शिकार हुई महिला।







