भिलाई इस्पात संयंत्र में हाल के दिनों में बढ़ती दुर्घटनाओं और कर्मचारियों की मौत तथा गंभीर रूप से घायल होने की घटनाओं को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने के बाद शीर्ष प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए दो जीएम को निलंबित कर दिया है, वहीं कई जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे संयंत्र में हलचल मची हुई है।
प्रबंधन ने बताया कि संयंत्र में हुई हर दुर्घटना का अलग-अलग विश्लेषण कर उसकी मूल वजहें चिन्हित की गई हैं। उद्देश्य यह है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और सुधारात्मक कदम प्रभावी तरीके से लागू किए जा सकें। संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए।
संयंत्र प्रशासन ने साफ कहा है कि सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना सभी स्तरों की सामूहिक जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रबंधन ने दोहराया कि असुरक्षित कार्य और असुरक्षित कार्य पद्धति के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी सख्ती से लागू रहेगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भिलाई स्टील प्लांट में दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। कार्यस्थल पर हुई घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने कड़े प्रशासनिक कदम उठाए हैं।
सिंटर प्लांट-3 के एक महाप्रबंधक शंकर मोरी और ऊर्जा प्रबंधन विभाग की महाप्रबंधक सुब्रमणी रमी को निलंबित किया गया है। इसके अलावा ऊर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालक— प्यारे लाल देशमुख और विनय कुमार— को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं। प्लेट मिल के दो महाप्रबंधकों को एडवाइजरी नोटिस दिए गए हैं।







