रायपुर स्थित राजीव भवन में बुधवार देर रात एक रहस्यमयी घटना ने कांग्रेस संगठन में हलचल मचा दी। अज्ञात लोगों ने मुख्य परिसर में कई पर्चे फेंक दिए, जिनमें युवा कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी अमित पठानिया को निशाना बनाते हुए तीखे नारे लिखे थे।
पर्चों में “अमित पठानिया मुर्दाबाद” और “युवा कांग्रेस में संगठन की दलाली बंद करो” जैसे वाक्य दर्ज थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन्हें किसने फेंका और इसके पीछे मंशा क्या थी।
घटना सामने आते ही कांग्रेस ने इसे विपक्ष की चाल बताया। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित पठानिया की बढ़ती सक्रियता से बीजेपी बौखला गई है, और इसी बेचैनी के चलते संगठन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
अंदरूनी नाराज़गी की भी चर्चाएँ
हालांकि कांग्रेस के भीतर कुछ नेता इसे पार्टी की ही अंदरूनी असंतुष्टि से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल, हाल ही में जारी की गई युवा कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नई सूची को लेकर कई कार्यकर्ताओं में असहमति है।
कई लोगों का कहना है कि उनके या उनके समर्थकों के नाम सूची में शामिल न होने के कारण नाराज़गी बढ़ी है।
कुछ नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब कुछ ही महीनों में यूथ कांग्रेस के चुनाव होने वाले हैं, तब इतनी जल्दबाजी में जिलाध्यक्ष बदलने की क्या ज़रूरत थी। कई इसे “चुनिंदा लोगों को फ़ायदा पहुँचाने वाला निर्णय” बता रहे हैं।
इनके नाम घोषित किए गए थे ज़िलाध्यक्ष
10 नवंबर को यूथ कांग्रेस ने 11 जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की थी—
- कांकेर – राजेंद्र राजू दुबे, महेंद्र नायक
- बस्तर रूरल – अभिषेक डेविड
- जगदलपुर शहर – नीकेत राज झा
- सुकमा – आर्यन चौहान
- बेमेतरा – प्रांजल तिवारी
- भिलाई नगर – इमाम खान
- बिलासपुर रूरल – सुनील पटेल
- जांजगीर-चांपा – पंकज शुक्ला
- सक्ती – प्रताप चंद्र
- रायगढ़ रूरल – उस्मान बैग
- सारंगगढ़-बिलाईगढ़ – शुभम बाजपेई
घटना के बाद राजीव भवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पार्टी इसे राजनीतिक दुष्प्रचार करार दे रही है, जबकि भीतर ही भीतर असंतोष की चिंगारियाँ भी सुर्खियों में हैं।







