छत्तीसगढ़ में मौसम इन दिनों दोहरा रूप दिखा रहा है। दिन के समय तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं रात ढलते ही ठंड का असर फिर से तेज हो जाता है। दिन और रात के तापमान में इस अंतर के चलते सुबह और देर रात लोगों को कड़ाके की ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों, खासकर रायपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। दिन में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री तक ऊपर जा रहा है, जबकि रात का तापमान लगातार गिरा हुआ दर्ज किया जा रहा है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम का यही विरोधाभास देखने को मिला। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ गया। इस दौरान आर्द्रता सुबह और शाम के समय 48 से 71 प्रतिशत के बीच रही, जबकि हवा की रफ्तार करीब 2 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। पूरे दिन आसमान साफ रहा।
प्रदेश में सबसे अधिक ठंड सरगुजा संभाग में महसूस की गई। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं जगदलपुर में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश का सर्वाधिक रहा। दुर्ग, माना एयरपोर्ट, बिलासपुर और पेंड्रारोड में भी रात का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ इलाकों में शीतलहर का प्रभाव रहा, हालांकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा।
आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे रात की ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। राजधानी रायपुर में बुधवार की सुबह हल्की धुंध या कुहासा छाए रहने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।






