नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहां फैली हिंसा ने विदेशी नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। इस माहौल में यह खबर सामने आई कि छत्तीसगढ़ से गए कुछ पर्यटक भी नेपाल में फंसे हुए हैं। यह जानकारी मिलते ही राज्य सरकार तुरंत हरकत में आई और मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सक्रिय कर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन पर्यटकों की सुरक्षा और सकुशल वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ के नागरिक सुरक्षित घर लौट सकें।
मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि उन्हें जानकारी प्राप्त हुई है कि छत्तीसगढ़ के कुछ पर्यटक नेपाल में हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और भारत सरकार से मिलकर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
यह कदम मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता का प्रतीक है। संकट की घड़ी में उन्होंने न केवल तुरंत प्रतिक्रिया दी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि नागरिकों को यह भरोसा मिले कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
इस तरह की कार्यवाही से स्पष्ट होता है कि सरकार अपने लोगों की सुरक्षा और भलाई के प्रति पूरी तरह समर्पित है। यह उदाहरण बताता है कि जब भी किसी नागरिक पर विपत्ति आती है, राज्य और केंद्र सरकार मिलकर उसे सुरक्षित रखने और वापस लाने के लिए सक्रिय हो जाती हैं।







