रायपुर।छत्तीसगढ़ की अस्मिता और अधिकारों को लेकर चल रही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथयात्रा अब तेज़ी पकड़ती जा रही है। शुक्रवार को यह रथयात्रा महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र के गढ़ फूलझर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से आरती उतारकर रथ का स्वागत किया।
इस दौरान माहौल राजनीतिक रूप से भी गरम रहा—ग्रामीणों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और क्षेत्र के सांसद व विधायक से इस्तीफे की मांग उठाई। रथयात्रा के दौरान सैकड़ों लोगों ने संगठन की सदस्यता भी ली, जिससे आंदोलन को नया बल मिला है।
यह रथयात्रा सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही है, जिसने उमरिया, कोलियारी, कनकेना, मोरवापुस्का, बरिहापाली, सरायपाली, जोधापाली, खपरीडीह और जोगनीपाली समेत कई गांवों का दौरा किया।
यात्रा का नेतृत्व राज्य निर्माण संग्राम सेनानी लाला राम वर्मा, अशोक कश्यप, मोतीलाल नायक और बृज बिहारी साहू कर रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए रथयात्रा प्रभारी लाला राम वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की पहचान और सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने किसानों, युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे जाति और दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट हों और इस लड़ाई को मजबूत बनाएं।
वहीं किसान नेता मोतीलाल नायक ने कहा कि सरायपाली क्षेत्र के लोग पहले भी राज्य आंदोलन में सक्रिय रहे हैं और इस बार भी अस्मिता की लड़ाई में पूरी ताकत के साथ खड़े रहेंगे।
सभा में अशोक कश्यप, बृज बिहारी साहू और लोक कलाकार लक्ष्मी नारायण निषाद ने भी अपने विचार रखे और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने की अपील की।



