भाजपा प्रदेश पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इस कदम को सीधे-सीधे “हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़” बताया है। उन्होंने कहा कि DMK सरकार एक-एक कर मंदिरों की संपत्तियों को बेच रही है और अब श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों को भी पिघला रही है।
अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि—
“DMK का इतिहास ही घोटालों से भरा पड़ा है। मैं जनता के सामने हर एक घोटाला उजागर करूंगा। यह सरकार मंदिरों की संपत्ति लूटने पर तुली है।”

सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से छाया हुआ है। समर्थकों का कहना है कि अन्नामलाई ‘दक्षिण भारत में विधर्मियों की लंका लगा रहे हैं’ और हिंदू समाज की आवाज को बुलंद कर रहे हैं।







