नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट का नया घरेलू सीजन गुरुवार से दलीप ट्रॉफी 2025 के साथ शुरू होने जा रहा है। लाल गेंद की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में इस बार फिर पारंपरिक क्षेत्रीय प्रारूप की वापसी हुई है। छह क्षेत्रीय टीमें इस खिताबी जंग में उतरेंगी, जिसमें कई स्टार और उभरते खिलाड़ी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने की कोशिश करेंगे।
पश्चिम क्षेत्र की कमान शार्दुल के हाथ
इंग्लैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले शार्दुल ठाकुर पश्चिम क्षेत्र की कप्तानी करेंगे। उनकी टीम में श्रेयस अय्यर, सरफराज खान और यशस्वी जायसवाल जैसे धुरंधर खिलाड़ी शामिल हैं। एशिया कप टीम से बाहर किए जाने के बाद अय्यर और जायसवाल खुद को साबित करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। सरफराज भी लगातार चयन से बाहर रहने के बाद बड़े स्कोर बनाकर चयनकर्ताओं को प्रभावित करना चाहेंगे।
तिलक वर्मा की कप्तानी में दक्षिण क्षेत्र
दक्षिण क्षेत्र की कमान तिलक वर्मा संभालेंगे। टीम में आर. साई किशोर और देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ी हैं। पडिक्कल चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं और उनके लिए यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह खोल सकता है। वहीं, साई किशोर भी चोटिल होने के बाद इस टूर्नामेंट से नए सिरे से दमखम दिखाना चाहेंगे।
पूर्व क्षेत्र की बागडोर ईश्वरन के पास
इंग्लैंड दौरे में मौका न मिलने से निराश रहे अभिमन्यु ईश्वरन पूर्व क्षेत्र की कप्तानी करेंगे। इस टीम में रियान पराग, आकाश दीप और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी हैं। शमी इस दौरान लाल गेंद से अपनी फिटनेस साबित करने पर फोकस करेंगे, क्योंकि चोट के चलते वे लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर हैं।
उत्तर क्षेत्र में गिल की जगह अंकित
उत्तर क्षेत्र की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई थी, लेकिन बीमारी के कारण वह पहला मैच नहीं खेलेंगे। उनकी जगह उपकप्तान अंकित कुमार टीम का नेतृत्व करेंगे। यहां अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा भी खेलेंगे, हालांकि दोनों ही खिलाड़ी सिर्फ शुरुआती मैच में उतर सकेंगे क्योंकि इसके बाद वे एशिया कप के लिए टीम इंडिया से जुड़ेंगे।
मध्य क्षेत्र और पूर्वोत्तर क्षेत्र भी दावेदार
मध्य क्षेत्र में ध्रुव जुरेल और रजत पाटीदार प्रमुख चेहरे हैं। जुरेल की कप्तानी और पाटीदार का प्रदर्शन चयनकर्ताओं की निगाह में रहेगा। वहीं, पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।
चयनकर्ताओं की पैनी नजर
इस बार दलीप ट्रॉफी केवल घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगी। बीसीसीआई के फैसले के मुताबिक, राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य है। ऐसे में श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों पर सबकी नजरें रहेंगी।







