बेंगलुरु: शिवकुमार का बयान बना चर्चा का विषय
कर्नाटक के डिप्टी सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार का ताजा बयान राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। खुद को “जन्मजात कांग्रेसी” बताने वाले शिवकुमार ने कहा कि वे अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास और उसकी कार्यप्रणाली का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं।
RSS को लेकर शिवकुमार की टिप्पणी
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में RSS केवल एक वैचारिक संगठन नहीं है, बल्कि उसने शिक्षा और संगठन निर्माण का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है।
“राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन यह हकीकत है कि RSS लगातार स्कूल और संस्थान स्थापित कर रहा है। वे बच्चों को अनुशासन और संस्कार की शिक्षा दे रहे हैं,” शिवकुमार ने कहा।
कांग्रेस के भीतर बढ़ी बेचैनी
शिवकुमार का यह बयान कांग्रेस की वैचारिक स्थिति पर नई बहस खड़ा कर रहा है। राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा RSS की सराहना करना पार्टी के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवकुमार का यह कदम इस ओर संकेत करता है कि कांग्रेस कार्यकर्ता अब विपक्षी संगठनों की सामाजिक पकड़ और गहराई को समझने की कोशिश कर रहे हैं। यह रुख आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति पर असर डाल सकता है।







