बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने के फैसले के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। लगभग दो दशकों तक बिहार की राजनीति का केंद्र रहे नीतीश कुमार के इस कदम से अब यह सवाल उठने लगा है कि राज्य की कमान किस नेता के हाथों में जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार बिहार में मुख्यमंत्री का पद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जा सकता है। ऐसे में पार्टी के भीतर कई बड़े नेताओं के नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में चर्चा में हैं। वहीं सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) [JDU] को उपमुख्यमंत्री का पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बिहार में क्या होगा सत्ता का नया फॉर्मूला?
अब तक बिहार में गठबंधन सरकार के तहत मुख्यमंत्री का पद जेडीयू के पास रहा है, जबकि बीजेपी उपमुख्यमंत्री बनाती रही है। वर्ष 2005 से 2013 तक बीजेपी के पास एक डिप्टी सीएम का पद था। इसके बाद 2017 से बीजेपी ने दो उपमुख्यमंत्री बनाकर सत्ता में भागीदारी निभाई।
लेकिन नीतीश कुमार के दिल्ली की ओर रुख करने के बाद समीकरण बदलते दिख रहे हैं। अब संभावना है कि मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा और जेडीयू को डिप्टी सीएम का पद दिया जाएगा। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जेडीयू को एक उपमुख्यमंत्री मिलेगा या दो।
बीजेपी में सीएम पद के लिए कई दावेदार
मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी के भीतर कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें मौजूदा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल और पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया प्रमुख माने जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सम्राट चौधरी फिलहाल सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वे राज्य सरकार में गृह विभाग संभाल रहे हैं और केंद्र के शीर्ष नेतृत्व के करीबी बताए जाते हैं। कुशवाहा समाज से आने के कारण वे बिहार की जातीय राजनीति में ‘लव-कुश’ समीकरण में भी फिट बैठते हैं।
वहीं केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी काफी चर्चा में है। वे पहले बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। यादव समुदाय से आने के कारण उनकी सामाजिक पकड़ भी मजबूत मानी जाती है।
अन्य नाम भी चर्चा में
सीएम की दौड़ केवल इन दो नेताओं तक सीमित नहीं है। बीजेपी के कई अन्य नेता भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरसिया, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा जैसे नाम भी चर्चा में हैं।
कुछ राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि पार्टी किसी महिला नेता को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका सकती है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है।
जेडीयू किसे बना सकती है डिप्टी सीएम?
यदि बीजेपी मुख्यमंत्री बनाती है तो सहयोगी दल जेडीयू को उपमुख्यमंत्री का पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में जेडीयू के भीतर भी संभावित नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि उन्हें विधान परिषद भेजा जा सकता है और पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कुछ राजनीतिक सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि नए सत्ता फॉर्मूले में जेडीयू की ओर से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें एक पद निशांत कुमार को और दूसरा किसी सवर्ण या अतिपिछड़ा वर्ग के नेता को दिया जा सकता है। विजय चौधरी सहित कई नेताओं के नाम इस चर्चा में सामने आ रहे हैं।
बदलते समीकरणों पर सबकी नजर
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति पूरी तरह नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है। अब सबकी नजर बीजेपी के फैसले पर टिकी है कि वह किस नेता को मुख्यमंत्री बनाकर राज्य की सत्ता की कमान सौंपती है और जेडीयू अपने हिस्से का उपमुख्यमंत्री किसे बनाती है।



