वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कन्या विवाह योजना को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस योजना, जिसे गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए शुरू किया गया था, उसमें भारी फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार सामने आया है।
कमलनाथ ने बताया कि उनकी सरकार ने इस योजना के तहत आर्थिक सहायता की राशि को बढ़ाकर 55,000 रुपये कर दिया था, ताकि गरीब परिवारों को बेटी की शादी में किसी तरह की आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े। उनका उद्देश्य यह था कि निर्धन परिवार सम्मानपूर्वक अपनी बेटियों का विवाह कर सकें और उनके सामने वित्तीय संकट न आए।
लेकिन अब हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार योजना के नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को चुना लगाया गया और बेटियों के विवाह के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया। कमलनाथ ने इस पर गहरी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने जैसी पवित्र भावना से जुड़ी योजना में भी घोटाले कर रही है।
उन्होंने सरकार से सख्त मांग की है कि चाहे अन्य क्षेत्रों में भ्रष्टाचार पर अंकुश न लग पा रहा हो, लेकिन कम से कम गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में होने वाले भ्रष्टाचार को तुरंत रोका जाए। कमलनाथ का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक घोटाले का नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं और गरीब परिवारों के विश्वास से जुड़ा है।







