प्रशांत किशोर की सभा में उमड़ी भीड़ हसनपुर मे उठा पलायन और बेरोजगारी का मुद्दा

Madhya Bharat Desk
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बिहार लंबे समय से शिक्षा, रोजगार और पलायन की समस्या से जूझ रहा है। गांव-गांव के घरों से नौजवान पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर अवसर की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं। यह स्थिति अब एक सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन चुकी है।

मुख्य विवरण

हसनपुर (समस्तीपुर) की सभा में प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने इस मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया। स्थानीय लोगों ने खुलकर कहा कि यहां के बच्चे मजबूरीवश रोजगार के लिए कोलकाता, मुंबई और दिल्ली जा रहे हैं। गीतों में सुनी जाने वाली बातें— “लागल लागल झूलनियां में धक्का, बलम कलकत्ता चली”— अब एक वास्तविकता बन चुकी है।

सभा में युवाओं और अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और बेरोजगारी पर चिंता जताई। उनका मानना है कि यदि बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, तो पलायन की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।

यह सभा विशेष रूप से चर्चा का विषय रही क्योंकि यह तेजप्रताप यादव के विधानसभा क्षेत्र हसनपुर में आयोजित की गई थी। भीड़ का उत्साह और युवाओं की आवाज़ ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी राजनीति का केंद्र बन सकता है।

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