16 अगस्त 2025 को बालोद ज़िले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) हीरामन मंडावी ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से थाने में सनसनी का माहौल है। मृतक अधिकारी दल्लीराजहरा थाने में पदस्थ थे।
घटना की जानकारी तब सामने आई जब सुबह जवान रोज़ की तरह ड्यूटी के लिए तैयार हो रहे थे। अचानक एक जवान की नज़र बैरक के अंदर पड़ी, जहां ASI फंदे से झूलते मिले। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें उतारकर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मृतक ASI लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे। मानसिक तनाव के कारण ही उन्होंने शनिवार को यह कठोर कदम उठाया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है ताकि आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सके।
यह घटना न केवल पुलिस महकमे के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी चिंता का विषय है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक स्वास्थ्य कितना महत्वपूर्ण है। नौकरी का दबाव, व्यक्तिगत परेशानियाँ और डिप्रेशन जैसी समस्याएँ अक्सर अंदर ही अंदर व्यक्ति को तोड़ देती हैं। यदि समय रहते संवाद और सहयोग मिले, तो कई बार ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
इस दुखद घटना से हमें यह सीख मिलती है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद ज़रूरी है। परिवार, साथी और समाज को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहाँ कोई भी व्यक्ति अपनी भावनाओं को साझा करने में झिझके नहीं। तभी हम ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोक पाने में सक्षम होंगे।







