छत्तीसगढ़–आंध्रप्रदेश की सीमा पर बुधवार सुबह मारेडुमिल्ली के घने जंगलों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली, जहाँ नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व पर करारा प्रहार करते हुए फोर्स ने कुख्यात नक्सली देवजी को मार गिराया। हाल ही में माडवी हिड़मा के मारे जाने के बाद यह लगातार दूसरा बड़ा झटका है, जिसने नक्सल संगठन की कमर तोड़ दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में सात नक्सली ढेर हुए हैं, जिनमें तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं। मौके से दो AK-47 समेत आठ हथियार और कई महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। मृत नक्सलियों में मेटरू जोगा राव उर्फ टेक शंकर, सीता और ज्योति जैसे बड़े कैडर की पहचान पुष्टि हो चुकी है।
बुधवार तड़के छह बजे शुरू हुई कार्रवाई में आंध्र प्रदेश की ग्रेहाउंड्स ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया था। यह वही इलाका है जहाँ 18 नवंबर को फोर्स ने खूंखार हिड़मा को ढेर किया था। लगातार दो दिनों में हुई इन अभियानों ने नक्सल नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में गिरफ्तारियाँ भी की हैं। सूत्रों के मुताबिक तीन SZCM समेत 50 नक्सली पकड़े गए हैं, जिनमें जगरगुंडा एरिया कमेटी के कुख्यात प्रमुख लखमा, मदन्ना उर्फ जग्गु दादा और चर्चित महिला नक्सली सोड़ी मनीला शामिल हैं। पिछले कई वर्षों में नक्सलियों के खिलाफ यह सबसे बड़ा सफल अभियान माना जा रहा है।
इधर राजनांदगांव जिले के कौहापानी के जंगल में एक अलग ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों की घात लगाकर की गई फायरिंग में जवान आशीष शर्मा शहीद हो गए। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी, तभी नक्सलियों ने अचानक हमला कर दिया। घायल जवान को अस्पताल ले जाया गया, पर उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। दोनों राज्यों की संयुक्त टीम का ऑपरेशन अभी भी जारी है।
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि राज्य में लगातार सर्च अभियान चल रहे हैं और उनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि जो मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, सरकार उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास देने के लिए पूरी तरह तैयार है। दो दिनों में हुई कार्रवाई ने नक्सल संगठन को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान पहुँचाया है, जबकि सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्चिंग और गश्त और तेज कर दी है।



