लखनऊ: कभी अपराध, माफियाराज और दंगों के लिए जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने कानून-व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया है, जिसने आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण: निवेशकों का बढ़ता विश्वास
योगी सरकार ने सत्ता में आते ही अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की। एंटी-रोमियो स्क्वॉड के गठन से लेकर बड़े अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने तक, सरकार ने अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास पैदा किया। पुलिस मुठभेड़ों में दुर्दांत अपराधियों का मारा जाना और गैंगस्टर एक्ट व एनएसए के तहत की गई कठोर कार्रवाइयां इसका प्रमाण हैं। वर्ष 2017 से अब तक 2.17 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिससे पुलिस बल को मजबूती मिली है। सांप्रदायिक दंगों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है, जिससे सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा का माहौल बना है।
कानून-व्यवस्था में इस सुधार का सीधा असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा है। पहले जहां निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करने से कतराते थे, वहीं अब उन्हें यहां अपने व्यापार के लिए एक सुरक्षित और स्थिर वातावरण मिल रहा है। यह बदलाव राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हुआ है।
आर्थिक विकास और निवेश के मुख्य कारण
उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास और निवेशकों को आकर्षित करने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- बेहतर कानून-व्यवस्था: जैसा कि ऊपर बताया गया है, अपराध और माफियाराज का खात्मा निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। उन्हें अब अपने निवेश और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ती।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार: उत्तर प्रदेश ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है, जो पहले 12वें स्थान पर था, वह अब दूसरे स्थान पर आ गया है। ‘निवेश मित्र 3.0’ जैसे ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम ने व्यापारिक अनुमतियों की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएँ कम हुई हैं और निवेशकों को बिना किसी बाधा के अपनी योजनाएं आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
- बुनियादी ढांचे का विकास: राज्य में एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों (जैसे जेवर एयरपोर्ट), और बेहतर सड़क नेटवर्क का तेजी से विकास हुआ है। यह बेहतर कनेक्टिविटी उद्योगों और व्यापार के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाती है।
- नीतिगत सुधार और प्रोत्साहन: सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए 33 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां बनाई हैं, जो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) जैसे आयोजनों ने घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों को बड़े पैमाने पर आकर्षित किया है। 2023 के GIS में ₹33.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 16,000 से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।
- पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचार उन्मूलन: योगी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करने और शासन में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹1 लाख करोड़ से अधिक सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाए गए हैं, जिससे लीकेज और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।
- धार्मिक पर्यटन का विकास: अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के विकास ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

उत्तर प्रदेश अब देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है और इसका लक्ष्य $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनना है। यह परिवर्तन दर्शाता है कि कैसे दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी शासन किसी राज्य की तस्वीर बदल सकते हैं।







