उत्तर प्रदेश सरकार ने वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन पंजीकरण अभियान में बड़ा कदम उठाते हुए ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज 31 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। जांच के दौरान रिकॉर्ड में कई तरह की गड़बड़ियां और तकनीकी खामियां मिलने के बाद सरकार ने यह कार्रवाई की।
जांच में पता चला कि कई संपत्तियों के खसरा नंबर वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। वहीं कई जगहों पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जमीन का रकबा और पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी अलग-अलग मिली। दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड मिलान के दौरान कई तकनीकी त्रुटियां भी सामने आईं, जिसके बाद संबंधित दावों और पंजीकरण को निरस्त करने का फैसला लिया गया।

प्रदेश में फिलहाल 1.18 लाख से ज्यादा वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 31 हजार से अधिक संपत्तियों के दावे और रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और सही रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
राज्य सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शी व्यवस्था के लिए यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, इफीशिएंसी एंड डेवलपमेंट यानी ‘उम्मीद’ पोर्टल शुरू किया था। डिजिटल रजिस्ट्रेशन के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया था और तय समय से पहले बड़ी संख्या में संपत्तियों का ऑनलाइन पंजीकरण पूरा किया गया था।
अब सरकार रद्द किए गए मामलों की दोबारा जांच और रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर रही है, ताकि वास्तविक और वैध वक्फ संपत्तियों का सही और स्पष्ट डेटा तैयार किया जा सके।







